गिद्ध और शेर की अनोखी दोस्ती

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एक घने जंगल में एक ताकतवर शेर रहता था। उसका नाम था शेरू। पूरे जंगल में उसकी दहाड़ से सब डरते थे। लेकिन शेरू दिल का बुरा नहीं था, बस उसे अपनी ताकत पर थोड़ा ज़्यादा घमंड था।

उसी जंगल में एक गिद्ध भी रहता था—गिन्नू गिद्ध। गिन्नू बाकी गिद्धों से अलग था। वह चालाक तो था ही, लेकिन बहुत समझदार और दयालु भी था।

एक दिन शेरू शिकार के पीछे भाग रहा था। वह एक हिरन को पकड़ना चाहता था। लेकिन दौड़ते-दौड़ते उसका पैर एक गड्ढे में फँस गया और वह जोर से गिर पड़ा।

“आह्ह!” शेरू दर्द से चिल्लाया।

उसका पैर बुरी तरह चोटिल हो गया था। अब वह ना ठीक से चल पा रहा था, ना शिकार कर पा रहा था।

जंगल के बाकी जानवरों ने दूर से देखा, लेकिन कोई उसकी मदद करने नहीं आया। सबको डर था कि अगर शेर ठीक हो गया तो उन्हें खा जाएगा।

तभी ऊपर से उड़ते हुए गिन्नू गिद्ध ने शेरू को देखा।

वह नीचे आया और बोला,
“क्या हुआ शेरू भाई? आप इतने परेशान क्यों हो?”

शेरू पहले तो गुस्से में बोला,
“तुम यहाँ से चले जाओ! वरना मैं तुम्हें खा जाऊँगा!”

गिन्नू मुस्कुराया और बोला,
“अगर आप चल भी नहीं पा रहे, तो मुझे कैसे खाओगे?”

शेरू को अपनी गलती समझ आ गई। वह धीरे से बोला,
“मुझे माफ कर दो… मेरा पैर घायल हो गया है। मैं कुछ नहीं कर पा रहा।”

गिन्नू को उस पर दया आ गई।

वह बोला,
“ठीक है, मैं आपकी मदद करूँगा।”


अगले कई दिनों तक गिन्नू शेरू के लिए खाना ढूंढकर लाता रहा। कभी वह किसी छोटे जानवर का बचा हुआ हिस्सा लाता, तो कभी फल और पानी का इंतजाम करता।

शेरू धीरे-धीरे ठीक होने लगा।

इन दिनों में शेरू और गिन्नू के बीच अच्छी दोस्ती हो गई।

शेरू ने एक दिन कहा,
“गिन्नू, तुम बहुत अच्छे हो। मैंने पहले तुम्हें कमज़ोर समझा था, लेकिन तुम तो बहुत समझदार निकले।”

गिन्नू हँसते हुए बोला,
“हर कोई ताकत से बड़ा नहीं होता, कभी-कभी दिमाग और दया भी काम आती है।”


कुछ दिनों बाद शेरू पूरी तरह ठीक हो गया। अब वह फिर से ताकतवर बन गया था।

एक दिन जंगल में आग लग गई। सभी जानवर इधर-उधर भागने लगे।

गिन्नू उड़ सकता था, इसलिए वह जल्दी से ऊपर चला गया। लेकिन उसने देखा कि शेरू आग के बीच फँस गया है।

गिन्नू ने तुरंत नीचे आकर शेरू को रास्ता दिखाया और उसे सुरक्षित जगह तक पहुँचाया।

शेरू ने राहत की साँस ली और बोला,
“अगर तुम नहीं होते, तो आज मैं बच नहीं पाता।”

उस दिन के बाद शेरू ने कभी किसी छोटे जानवर को कमजोर नहीं समझा।

और गिन्नू और शेरू की दोस्ती पूरे जंगल में मशहूर हो गई।


सीख:
हमें कभी किसी को छोटा या कमज़ोर नहीं समझना चाहिए। हर किसी में कोई न कोई खास बात होती है, और सच्ची दोस्ती हमेशा मदद करने से बनती है।

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