आधी रात का मेहमान
बात 1965 की है… हमारा गाँव छोटा सा था, और उस समय बिजली का नाम-निशान नहीं था। रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता था। लोग जल्दी खाना खाकर सो जाते थे, क्योंकि रात में बाहर निकलना कोई पसंद नहीं करता था। मैं उस समय करीब 13 साल का था। मेरा नाम रमेश … Read more