आधी रात का मुसाफ़िर – एक डरावनी कहानी | Horror Storiesin Hindi

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उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव में एक पुरानी सड़क थी।
उस सड़क के बारे में लोग कहते थे कि रात के 12 बजे के बाद वहां कोई नहीं जाता।

गांव वाले कहते थे कि वहां एक अजीब मुसाफ़िर दिखाई देता है।

लेकिन किसी ने उसे साफ़-साफ़ कभी नहीं देखा था।

राहुल की जिद | डरावनी कहानी

राहुल शहर से अपने गांव आया था।
उसे इन सब बातों पर बिल्कुल भरोसा नहीं था।

एक दिन उसने अपने दोस्तों से कहा—

“ये सब बस लोगों की बनाई हुई कहानियां हैं। भूत-वूत कुछ नहीं होता।”

दोस्तों ने उसे चेतावनी दी।

“रात को उस सड़क पर मत जाना। वहां कुछ ठीक नहीं है।”

लेकिन राहुल जिद्दी था।

उसने तय किया कि वह उसी सड़क से होकर रात में जाएगा और सबको साबित करेगा कि भूत जैसी कोई चीज़ नहीं होती।

डरावनी रात | डरावनी कहानी

उस रात करीब 12 बजे राहुल बाइक लेकर निकल पड़ा।

चारों तरफ घना अंधेरा था।
पेड़ों से हवा की आवाज़ आ रही थी।

सड़क बिल्कुल खाली थी।

कुछ दूर जाने के बाद राहुल को लगा कि कोई सड़क के किनारे खड़ा है।

उसने बाइक की स्पीड धीमी की।

वह एक आदमी था।

सफेद कपड़े पहने हुए।

और उसका चेहरा अंधेरे में साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

अजीब मुसाफ़िर | डरावनी कहानी

राहुल ने बाइक रोकी और पूछा—

“कौन हो तुम? इतनी रात में यहां क्या कर रहे हो?”

वह आदमी धीरे से बोला—

“मुझे गांव तक छोड़ दोगे?”

उसकी आवाज़ अजीब थी… जैसे बहुत दूर से आ रही हो।

राहुल को थोड़ा डर लगा, लेकिन उसने सोचा शायद कोई मुसाफ़िर होगा।

उसने कहा—

“बैठ जाओ।”

वह आदमी बाइक के पीछे बैठ गया।

अजीब बातें | डरावनी कहानी

कुछ देर बाद राहुल को लगा कि बाइक बहुत भारी हो गई है।

जैसे पीछे कोई बहुत वज़नदार चीज बैठी हो।

राहुल ने पूछा—

“तुम कहां रहते हो?”

कोई जवाब नहीं आया।

उसने फिर पूछा—

“भाई सुन रहे हो?”

अब भी कोई जवाब नहीं।

राहुल ने पीछे मुड़कर देखने की कोशिश की…

और उसी पल उसका दिल जोर से धड़कने लगा।

पीछे कोई नहीं था | डरावनी कहानी

बाइक के पीछे कोई भी नहीं बैठा था।

लेकिन राहुल को साफ महसूस हो रहा था कि कोई अभी भी पीछे बैठा है।

अचानक उसके कान के पास एक आवाज़ आई—

“मैं यहीं हूं…”

राहुल के हाथ कांपने लगे।

उसने बाइक तेज कर दी।

आखिरी सच | डरावनी कहानी

जैसे ही राहुल गांव पहुंचा, वह सीधे अपने घर भागा।

अगले दिन उसने गांव के बुजुर्गों को सारी बात बताई।

एक बुजुर्ग ने गहरी सांस ली और कहा—

“20 साल पहले उसी सड़क पर एक आदमी का एक्सीडेंट हुआ था।”

“वह भी रात में किसी से लिफ्ट मांग रहा था।”

“लेकिन कोई उसे बचा नहीं पाया।”

“तब से उसकी आत्मा वहां भटकती है…”

असली डर | डरावनी कहानी

उस दिन के बाद राहुल कभी उस सड़क पर नहीं गया।

लेकिन सबसे डरावनी बात अभी बाकी थी।

उस रात जब राहुल ने अपनी बाइक देखी…

तो पीछे की सीट पर कीचड़ से बने हुए दो हाथों के निशान थे।

जैसे कोई वहां बैठा हो।

और अभी भी इंतज़ार कर रहा हो…

अगले मुसाफ़िर का।

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